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बजट 2026 की उम्मीदें, शेयर बाजार में भारी गिरावट और अजित पवार हादसे के बाद महाराष्ट्र की राजनीति

बजट 2026, शेयर बाजार में हलचल और महाराष्ट्र की राजनीति में भूचाल: आज की बड़ी खबरें

प्रस्तावना: भारत के राजनीतिक और आर्थिक गलियारों में आज का दिन बेहद गहमागहमी भरा रहा। एक तरफ देश की निगाहें 1 फरवरी को पेश होने वाले ‘केंद्रीय बजट 2026’ पर टिकी हैं, तो दूसरी तरफ शेयर बाजार में आई गिरावट ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। वहीं, महाराष्ट्र की राजनीति से एक अत्यंत दुखद और चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जिसने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया है। आइए, इन सभी महत्वपूर्ण घटनाओं का विस्तार से विश्लेषण करते हैं। आज घटी सभी घटनाओं को विस्तार से समझने के लिए पूरा ब्लॉग पढ़ें।

1. केंद्रीय बजट 2026: आम आदमी की उम्मीदें और वित्त मंत्री का पिटारा

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी, 2026 को अपना लगातार नौवां बजट पेश करने जा रही हैं। इस बजट को लेकर मध्यम वर्ग और नौकरीपेशा लोगों की उम्मीदें सातवें आसमान पर हैं। इसीलिए जब भी बजट पेश किया जाता है, तो उसमें ज्यादातर करों की बात होती है और उन पर पड़ने वाले प्रभावों का जिक्र होता है।

क्या सस्ता हो सकता है?

माना जा रहा है कि सरकार घरेलू विनिर्माण (Domestic Manufacturing) को बढ़ावा देने के लिए मोबाइल फोन के कंपोनेंट्स, लिथियम-आयन सेल और कुछ इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर सीमा शुल्क (Customs Duty) घटा सकती है। इसके अलावा, इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को बढ़ावा देने के लिए नई रियायतों की घोषणा हो सकती है, जिससे इलेक्ट्रिक कारें और टू-व्हीलर्स सस्ते हो सकते हैं। अब, आने वाले समय में इलेक्ट्रिक वाहनों पर अधिक ध्यान दिया जाएगा ताकि इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या बढ़े और हर कोई उनका उपयोग करे।

इनकम टैक्स में राहत की आस

मिडिल क्लास की सबसे बड़ी मांग इनकम टैक्स स्लैब में बदलाव को लेकर है। विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार स्टैंडर्ड डिडक्शन (Standard Deduction) की सीमा को ₹75,000 से बढ़ाकर ₹1,00,000 कर सकती है। साथ ही, धारा 80C के तहत मिलने वाली छूट की सीमा में भी बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है ताकि निवेश को बढ़ावा मिल सके। और इसे अधिक महत्व दिया जा रहा है ताकि आने वाले समय में हर कोई अधिक निवेश कर सके।

2. शेयर बाजार में ‘मेटल’ का कड़ाका: क्यों डूबे निवेशकों के पैसे?

आज दलाल स्ट्रीट पर मेटल सेक्टर के शेयरों में भारी बिकवाली देखने को मिली। निफ्टी मेटल इंडेक्स में बड़ी गिरावट दर्ज की गई, जिसका असर सेंसेक्स और निफ्टी दोनों पर पड़ा। इसके पीछे क्या कारण हो सकता है?

गिरावट के मुख्य कारण:

  • वैश्विक आर्थिक मंदी का डर: दुनिया भर में बढ़ती ब्याज दरों और मंदी की आहट ने मेटल की मांग पर सवालिया निशान लगा दिया है।
  • ट्रम्प की टैरिफ पॉलिसी: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापार नीतियों में बदलाव और अमेरिका द्वारा लगाए जा रहे नए शुल्कों के डर से टाटा स्टील, वेदांता और जेएसडब्ल्यू स्टील जैसे बड़े शेयरों में 4% से 12% तक की गिरावट देखी गई।
  • बजट से पहले की सावधानी: निवेशक बजट से पहले जोखिम लेने से बच रहे हैं और मुनाफावसूली (Profit Booking) कर रहे हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक ग्लोबल मार्केट में स्थिरता नहीं आती, तब तक मेटल और रीयल्टी सेक्टर में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।

3. महाराष्ट्र की राजनीति में शोक: अजित पवार विमान दुर्घटना और उसका राजनीतिक प्रभाव

28 जनवरी 2026 को पुणे के बारामती के पास हुए एक दुखद विमान हादसे ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और एनसीपी (अजित गुट) के कद्दावर नेता अजित पवार को हमसे छीन लिया। आज 30 जनवरी को भी इस घटना की जांच और इसके राजनीतिक परिणामों पर चर्चा गर्म है। और इस प्रतिक्रिया दर के पीछे के कारणों की खोज जारी है।

कैसे हुआ हादसा?

रिपोर्ट्स के अनुसार, अजित पवार अपने निजी विमान ‘बॉम्बार्डियर लियरजेट 45’ से मुंबई से बारामती जा रहे थे। लैंडिंग से कुछ मिनट पहले विमान नियंत्रण खो बैठा और एक खेत में जा गिरा। इस हादसे में अजित पवार समेत विमान में सवार सभी 5 लोगों की मौत हो गई। प्रारंभिक जांच में तकनीकी खराबी या खराब मौसम को कारण माना जा रहा है। विमान में कोई तकनीकी खराबी हो सकती है।

महाराष्ट्र की राजनीति पर प्रभाव

अजित पवार केवल एक नेता नहीं, बल्कि महाराष्ट्र सरकार (महायुति गठबंधन) का एक महत्वपूर्ण हिस्सा थे। उनके निधन से राज्य में एक बड़ा राजनीतिक शून्य पैदा हो गया है:

  • एनसीपी का भविष्य: अब सवाल यह है कि अजित पवार की पार्टी और उनके समर्थक विधायकों का नेतृत्व कौन करेगा? क्या पार्टी फिर से शरद पवार के करीब जाएगी या कोई नया चेहरा सामने आएगा?
  • महायुति गठबंधन के लिए चुनौती: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और एकनाथ शिंदे के लिए आगामी चुनावों में बारामती और पुणे क्षेत्र में अपनी पकड़ बनाए रखना एक बड़ी चुनौती होगी।

निष्कर्ष

आज की ये तीन घटनाएं—बजट की उम्मीदें, शेयर बाजार की अस्थिरता और एक बड़े राजनेता का असमय जाना—यह दर्शाती हैं कि देश एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा है। जहां एक तरफ आर्थिक नीतियां भविष्य की दिशा तय करेंगी, वहीं महाराष्ट्र की राजनीति में आने वाले दिन काफी उथल-पुथल भरे हो सकते हैं। आने वाला समय कैसा होगा?

वेबसाइट के पाठकों के लिए सुझाव: अगर आप निवेशक हैं, तो बजट तक बाजार में सावधानी बरतें। और अगर आप राजनीति में रुचि रखते हैं, तो महाराष्ट्र की पल-पल बदलती स्थितियों पर नज़र बनाए रखें।

हमारे ब्लॉग को पढ़ने के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद।😍

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